एक सूफ़ी की दैनिक साधनाओं में आमतौर पर नमाज़ (सलात), अल्लाह के नामों का स्मरण (ज़िक्र), ध्यान (मुराक़बा), आध्यात्मिक साहित्य पढ़ना और सूफ़ी शिक्षाओं द्वारा निर्देशित नैतिक एवं आचार संहिता का पालन करना शामिल होता है। इन साधनाओं का उद्देश्य पूरे दिन ईश्वर को याद करना और उससे जुड़ाव बनाए रखना है, ताकि व्यक्ति निरंतर आत्मिक जागरूकता और उपस्थिति की अवस्था में रहे।